मुबारक दिन
मुबारक दिन
कितना सुहाना आज का दिन है
कि आज तुम्हारा जन्मदिन है।
तोहफों की आज भरमार होगी
मगर मैं आर्शीवाद ही दे पाउंगी
तू सदा रहे मुस्कराता हुआ
रब से तो मैं यही मनाउंगी
तोहफों की चकाचैंध में
मेरी अहमियत कम न करना
तुम मेरी जरूरतों को कम न करना
तुमको हँसा के मैं रो दूंगी वरना
चाहे तुम्हारे विरूद्ध खड़ी दुनिया होगी
घबराना मत, तेरे साथ तेरी माँ होगी।
जन्मदिन मुबारक
दिल से यही दुआ निकले
मुश्किलों को चीरकर
तेरा रास्ता निकले
वतनपरस्ती की कसम खा
मुझपे न सही, भारत माँ पे तेरी वफा निकले
तुम लोगों के लिए मिशाल बनना
दिल से तेरी यही सदा निकले।
