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SRINIVAS GUDIMELLA

Drama

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SRINIVAS GUDIMELLA

Drama

मस्कामारी

मस्कामारी

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दुनिया में हैं कितनी बीमारी

उनमेसे एक है मसकामारी

काम हो घर का या सरकारी

खूब चलेगा मसकामारी।


सीधे राह पे चलना सीखो

अपने बल पे जीके देखो

सर उठा के जीना सीखो

इस जड़ को तुम काट के फेंको।


खुशामदी से दिल ना लागे

सर झुका मत किसीके आगे

गर जो तुझमे शक्ति जागे

ऐसे बिमारी मुड़के भागे।


बुरे लोग के बोल है मीठी

मगर है इनके दिल तो खट्टी

खोल्दे तू अब अपनी मुट्ठी

करदे तू इन सब की छुट्टी।


खुश रहेगा जो मारेगा मस्का

दूसरों का तबाही मकसद हो जिसका

क्या होगा जो सच्चा है उसका

सोचो भैया कसूर है किसका।


यह तो है एक फिसलती सीडी

सीढ़ी नहीं यह राह है टेडी

गिरेगा तो एक दिन अनाड़ी

याद आएंगे अम्मा डैडी।


हर कोई इस बात को जाने

वरना पड़ेंगे लेने के देने

कोई माने या ना माने

ऊपरवाला सब कुछ जाने।


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