STORYMIRROR

SRINIVAS GUDIMELLA

Abstract

3  

SRINIVAS GUDIMELLA

Abstract

सीधा सादा

सीधा सादा

1 min
333

अगर हो आदमी सीधा साधा 

सभी उठाये उसका फायदा 

कोई थोड़ा कोई ज्यादा 

अनजान इंसान भी बनेगा दादा !!


बच्चा भी आज का बन गया हीरो 

हालत के साथ साथ बदलो तुम यारो 

ईठ का जवाब पत्थर है प्यारो 

दुश्मन के छूरी से दुश्मन को मारो !!


झुकने वालों को झुकाये दुनिया 

मजबूर से मजबूत बनो तू भैया 

अकाल से जीनेसे हासिल हैं खुशियां 

अकाल से लड़ने से खिलते हैं कलियाँ !!


माँगने का गया ज़माना 

छीनना पडेगा तुझे दीवाना 

शराफत का छोड़ो बहाना 

सीखना है तुझे सबको बनाना !!


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Abstract