मोहनजीत कुकरेजा (eMKay)
Romance
सही था या ग़लत,
क्या फ़र्क पड़ता है!
गुज़र चुका वक़्त
कभी नहीं पलटता है
ज़ेहन इस बात को
हालाँकि समझता है
मगर तुम्हारा ख़याल
मन में उमड़ता है,
और दिल आज तक
तेरे ही लिए धड़कता है!
चलो ना ऐसा करते हैं
फिर से साथ चलते हैं !!
नववर्ष...
हाकिम-ए-आ'ला
आमंत्रण
मोहब्बत हो गय...
सूरत-ए-अहवाल
हमने मना रखा ...
शुक्राने की क...
समस्या!
बदलाव
गुज़रते हैं ह...
वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना। वो तुम्हारी गर्म साँसों का मेरे गालों को छू जाना।
बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना बीत चुका अब, वह सावन का महीना साथ ले गया, तुझसे मिलने का बहाना
तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...! तुमको मुबारक तुम्हारा जहां मुझे नहीं चाहिए ऐसा प्रेम...!
हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है ! हर किसी की जोड़ी ऊपर से लिखकर भेजता है !
भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है ! भुलाऊँ किस तरह तुमको , तुम्हारी याद आती है !
झूठलाने की खुद को, कोशिश बेकार क्यूं करते हो....। झूठलाने की खुद को, कोशिश बेकार क्यूं करते हो....।
ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !! ये प्यार का गणित है जरा अलग हिसाब किताब होता है !!
मेरी जिन्दगानी होनी चाहिये - कहानी होनी चाहिये।। मेरी जिन्दगानी होनी चाहिये - कहानी होनी चाहिये।।
दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा। दिल साफ़ रहे अपना कुछ और नहीं माँगा।
पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं पहलू में कबसे बैठे हैं उनके मगर कुछ बेखबर से हैं
तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना। तेरे लिए दुनिया में हमें फिर से पड़ेगा आना।
तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं। तेरे आगोश में आकर। मैं हर गम भूल जाती हूं।
मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया। मन से वो मन की मेरे ही पहचान कर गया पल भर में ज़िन्दगी का मेहमान कर गया।
वो पहला प्यार जिसमें खुशियां अपार दिल चाहता है जाना सात समंदर पार। वो पहला प्यार जिसमें खुशियां अपार दिल चाहता है जाना सात समंदर पार।
हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते। हर रिश्तों से बना प्यार और प्यार से बन जाते हैं रिश्ते।
परदेसी पिया आ जाओ तुम इस बार होली में। इंतजार में तेरे बैठी हूँ भर के रंग पिचकारी में। परदेसी पिया आ जाओ तुम इस बार होली में। इंतजार में तेरे बैठी हूँ भर के रंग पिच...
मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से मुझे डरपोक कहती हाँ मैं डरता हूँ मगर बस तुम्हें खोने से
मैं जलती रहूँ वर्तिका सी तू देता जा उजियारा। मैं जलती रहूँ वर्तिका सी तू देता जा उजियारा।
मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।। मिल गया दिल-ए-'राना' तुम्हें। फिर क्या इसके सिवा चाहिए।।
पैगाम दे गई, सचमुच दिल में, प्यार का बीज वो गई। पैगाम दे गई, सचमुच दिल में, प्यार का बीज वो गई।