STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Romance

2  

Sumit. Malhotra

Romance

मरहम बन के।

मरहम बन के।

1 min
41

तुम मरहम बन के घाव भरना, 

ज़ख्मों पर मलहम भी लगाना। 


पकड़ के उँगली साथ निभाना, 

सारी उम्र पाक रिश्ता निभाना। 


दुख-दर्द ग़म कष्ट में भी रहना, 

प्यार किया शिद्दत से निभाना। 


रिश्ता प्रेम आसान ना निभाना, 

प्यार रब की दूजा रूप निभाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance