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Sumit. Malhotra

Romance

2  

Sumit. Malhotra

Romance

मरहम बन के।

मरहम बन के।

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तुम मरहम बन के घाव भरना, 

ज़ख्मों पर मलहम भी लगाना। 


पकड़ के उँगली साथ निभाना, 

सारी उम्र पाक रिश्ता निभाना। 


दुख-दर्द ग़म कष्ट में भी रहना, 

प्यार किया शिद्दत से निभाना। 


रिश्ता प्रेम आसान ना निभाना, 

प्यार रब की दूजा रूप निभाना।


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