Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Anju Singh

Abstract


4  

Anju Singh

Abstract


मर्द को दर्द नहीं होता

मर्द को दर्द नहीं होता

1 min 137 1 min 137

यूं कहावतों में टाल देते हैं लोग

कि मर्द को दर्द नहीं होता है 

पर सच तों ये है कि

हर मर्द को भी दर्द होता है

पर प्रकट नहीं वो कर पाता है 


घर दफ्तर की परेशानियों में 

ऐसा उलझा रहता है कि

कुछ चाहतें हुए भी

कोई संकेत नहीं कर पाता है


गौर से देखो एक पिता एक पति को

और कभी भाई बेटों को

हर समय अपना दर्द छुपाता है

कभी न कुछ कह पाता है


औरतों के दुःख दर्द बयां होते

कहानियों और रचनाओं में

मर्दों के दर्द को

कहां कोई लिख पाता है


मां पत्नी के बीच वो पिसता 

कहां कुछ कह पाता है

दोनों को खुश रखकर भी

मसलें सुलझा नहीं पाता है


स्त्रियां रोकर जी हल्का कर लेती

कभी रोकर कभी बोलकर

अपनी बातें प्रकट कर देती

पर मर्द खुलकर कहां रो पाता है


कोई भी दर्द जो हो स्त्रियों पर

इल्ज़ाम सिर्फ मर्दों पर आता है

 भलें ही गल्ती हो एक स्त्री की

पर मर्द बेदर्द कहलाता है


जिम्मेदारियों का जो बोझ है होता

तो दर्द का एहसास दब जाता है

चाह कर भी वह मर्द

कहां कुछ कर पाता है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Anju Singh

Similar hindi poem from Abstract