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सतीश मापतपुरी

Tragedy

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सतीश मापतपुरी

Tragedy

मोबाइल

मोबाइल

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इस छोटे से यंत्र ने, छीन लिया  है  चैन।

कौन किसे देखे यहाँ, क़ैद हुए जब नैन।

मोबाइल ने कर दिया, यूँ  मस्ती में चूर।

एक साथ बैठे सभी,फिर भी सबसे दूर।



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