STORYMIRROR

Amit Kumar Mall

Inspirational

3  

Amit Kumar Mall

Inspirational

मन

मन

1 min
165

मन चल उस ज़मीन पर

जहाँ परियों का मेला न हो

जहाँ हर समय सुबह न हो

और खुशियों का रेला न हो

जहाँ मदहोशी का

आलम न हो

बड़ी बड़ी बातें न हो

रातों से लंबे सपने न हो

जहाँ खेत हो गाँव के

जुएँ हो हल के 

गर्दन हो बैलों के

कंधे हो किसान के

जहाँ प्यार हो

तकरार हो

और

मनुहार हो

मन चल उस ज़मीन पर

जहाँ परियों का मेला न हो


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational