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Minakshi Prakash

Fantasy

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Minakshi Prakash

Fantasy

मन ही तो है ...

मन ही तो है ...

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मन ही तो है 

कभी कुछ सोचता 

कभी  कुछ कहता 

कभी मनमानी 

कभी नादानी 

कभी जिद्द -कभी जुनून 

कभी पलभर में अपना सा 

तो, कभी पलभर में पराया सा 

जीवन पुंज की जोत है- मन 

मानव शरीर रूपी रथ का स्वत :

संचालित यान है -मन 

मन चाहे तो जोड़ दे, 

मन चाहे तो तोड़ दे ,

मन के जीते -जीत भी ,

मन के हारे -हार भी ,

अब 

मन ही जाने मन को 

मन की अपनी रीत 

आखिर मन ही तो है ॥ 

मीनाक्षी प्रकाश 







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