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Jeetal Shah

Tragedy

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Jeetal Shah

Tragedy

मजबूर औरत

मजबूर औरत

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वैश्या

है एक  डर ऐसा,

जहां बिकती औरतों,

और बच्ची की इज्जत,


कहते हैं सब उसे

कोठा।

मजबूर लाचार,

औरतों को कर,

देते हैं मजबूर,


अपने हवस की,

भूख मिटाने आते,

हैं कई लोग,

न देखते कितनी,

मासूम होती हैं

ये बच्ची या 

औरर औरतें,


बस अपनी हवस,

मिटा के फैकते,

पैसे इस कदर,

जैसे खरिद लिया

हो उन्हें,


इतनी बेदर्दी भला,

कौन सहे,

औरत ही औरत,

की बनती दुश्मन

देखो।



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