Dr.vishnu Prasad Vaishnav
Children
मिठ्ठू मियां बड़े रंगीले,
मिर्ची खाते चाव से ।
उड़ते हैं भई नील गगन में,
रहते समता भाव से।।
मोर
गौरेया
कोयल
बंदर मामा
मिठ्ठू
मेघा आये, मेघा आये। काले-काले नभ पर छाये। मेघा आये, मेघा आये। काले-काले नभ पर छाये।
सबके इशारों पर चलने वाली मैं किसी की जागीर नहीं। सबके इशारों पर चलने वाली मैं किसी की जागीर नहीं।
आज बहुत दिन बाद , लॉक डाउन के उपरांत, फिर मेले से हुई मुलाकात। आज बहुत दिन बाद , लॉक डाउन के उपरांत, फिर मेले से हुई मुलाकात।
कार्बोहाइड्रेट में है ऊर्जा का भरमार, अनाज, आलू और मीठे चीजों में मिले अपार। कार्बोहाइड्रेट में है ऊर्जा का भरमार, अनाज, आलू और मीठे चीजों में मिले अपार।
रूकना नहीं बस चलते रहना , जीवन की यही है शान I रूकना नहीं बस चलते रहना , जीवन की यही है शान I
छोटे छोटे हाथ हमारे,छोटे से हैं पांव, नही जाऊं खलियानों में,मुझे चाहिए छांव। छोटे छोटे हाथ हमारे,छोटे से हैं पांव, नही जाऊं खलियानों में,मुझे चाहिए छांव।
भाई से बड़ा ना कोई हितैषी, ना, अर्धांगिनी सा मित्र सुनो भाई से बड़ा ना कोई हितैषी, ना, अर्धांगिनी सा मित्र सुनो
स्कूल समय की यादें,रचे बसे मन में सुंदर ख़यालात कभी मीठी सी झिड़की,कभी प्यार से सहलाते स्कूल समय की यादें,रचे बसे मन में सुंदर ख़यालात कभी मीठी सी झिड़की,कभी प्यार ...
मेरे अपनों की एक दुनिया में मेरे खिलौनों की एक दुनिया थी. मेरे अपनों की एक दुनिया में मेरे खिलौनों की एक दुनिया थी.
आयाम ऐसे खड़े करो, मुझ पर एक एहसान करो आयाम ऐसे खड़े करो, मुझ पर एक एहसान करो
वेद पुराणों ने जो बतलाया करते हैं हम आचरण यहां वेद पुराणों ने जो बतलाया करते हैं हम आचरण यहां
कभी बन मैं ओंस की बूंद मोती बन बिखर जाता हूँ। कभी बन मैं ओंस की बूंद मोती बन बिखर जाता हूँ।
पुष्प के होते हैं कुल गिन लो भाग चार, बाह्यदल, दल, स्त्रीकेसर और पुंकेसर । पुष्प के होते हैं कुल गिन लो भाग चार, बाह्यदल, दल, स्त्रीकेसर और पुंकेसर ।
“सांझ ढ़ले” तुम लौट आना, “ऐ नन्हीं चिड़िया “……..! “सांझ ढ़ले” तुम लौट आना, “ऐ नन्हीं चिड़िया “……..!
डर को मन से निकलकर कर, जीत लो आसमान। डर को मन से निकलकर कर, जीत लो आसमान।
छोटे -छोटे हाथ हमारे छोटे से हैं पांव नही जाऊं खलियानों में मुझे चाहिए छांव। छोटे -छोटे हाथ हमारे छोटे से हैं पांव नही जाऊं खलियानों में मुझे चाहिए छांव।
वीरगति पाई चेतक ने इतिहास में नाम कमाया हल्दीघाटी में संस्कार हुआ चेतक स्मारक बनवाया वीरगति पाई चेतक ने इतिहास में नाम कमाया हल्दीघाटी में संस्कार हुआ चेतक स्मारक...
प्रयासो में कमी ना कर कर्तव्य पथ पर बढ़ता चल. प्रयासो में कमी ना कर कर्तव्य पथ पर बढ़ता चल.
तोड़ आलस की दीवार , खुली आँखों से देख स्वपन। तोड़ आलस की दीवार , खुली आँखों से देख स्वपन।
सच सागर सी शक्ति का मालिक, सदा मर्यादा धारण करता है सच सागर सी शक्ति का मालिक, सदा मर्यादा धारण करता है