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Madhuri Jaiswal

Children Stories

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Madhuri Jaiswal

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पुष्प के भाग

पुष्प के भाग

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पुष्प होते बड़े सजीले और रंग-बिरंगे सुंदर - सुंदर,

आंखों को भाए और खुशियां लाए मन के अंदर।


पुष्प के होते हैं कुल गिन लो भाग चार,

बाह्यदल, दल, स्त्रीकेसर और पुंकेसर ।


पौधों में जनन क्रिया का है मुख्य आधार,

देता है बाद निषेचन बीज और फल का भंडार।


चलो जाने हमसब अब इसके अंग,

जानकर तुम भी रह जाओगे दंग।


हरा - भरा बाह्यदल होता सबसे बाहर,

नन्हीं कली को रखता सुरक्षित अपने अंदर।


रंगबिरंगे दल को देख कीट सभी उड़कर आए, 

इस तरह परागण क्रिया पूरी हो जाए। 


नर जनन अंग होता है देखो पुंकेसर,

परागकोष और पुतंतु दो भाग हैं इसके अंदर।


मादा जनन अंग कहलाता है स्त्रीकेसर,

वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय तीन भाग है इसके अंदर।


इतना सा है बस किस्सा सुंदर पुष्प का,

पर अभिन्न हिस्सा है पौधों के जीवन का।


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