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Padma Verma

Inspirational

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Padma Verma

Inspirational

" मित्र "

" मित्र "

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  मित्र ही एक ऐसा प्राणी है,

  जिससे हम अपनी अंतरमन की 

  बातें कह सकते हैं,

  जिसके पास मित्र हैं वही सबसे 

  धनी हैं ,

  मित्र की कमी रहने पर व्यक्ति अधूरा

  रह जाता है। 


  न जगह की परवाह,

  न समय का ध्यान,

  बस करते चलो हंसी - ठिठोली 

  करते हुए,

  जीवन का रास्ता तय मित्र के साथ ।


  हर समय कठिन परिस्थितियों में

  हमेशा मित्र को ही 

  अपने पास पाना 

  यही है मित्र की विशालता ।


  जिंदगी का हर जंग ,

  मित्र के साथ जीता जा सकता है,

  मित्र बनाने में गरीब -अमीरी का 

  भेदभाव नहीं होता ,

  न ही रंग का , न ही जात- पात का

  भेदभाव होता है।


  मित्र तो बस मित्र होता है,

  वह बहुत अनमोल होता है,

  हां , मित्र बस सच्चा और अच्छा

  होना चाहिए। 

  कृष्ण और सुदामा की तरह 

  बेमिसाल ।

  

  मित्र अच्छे बनो और बनाओ ,

  तभी जिंदगी की गाड़ी पटरी पर 

  चलती रहेगी ,    

  मित्र खुशियों की चाभी है ,

  जिसे संभाल कर रखनी चाहिए।


        


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