महोत्सव (दीपावली)
महोत्सव (दीपावली)
दीपावली का त्योहार आपके मन में हर्ष उल्लास भरे।
शत्रुओं को हृदय से लगाए, कटुता को मन से दूर करे।
दीपों का उत्सव लाए खुशियाँ असीमित आपके द्वार।
लक्ष्मी से भरे भंडारे, बहे सौभाग्य की असीमित धार।
क्या अपने क्या पराये, सभी से मिलता असीमित प्यार।
शुभ रहे आपको, रोशनी से भरा दीपावली का त्योहार।
आप के घर आँगन में रोशन होते रहें, खुशियों के दीये।
हर्ष और उलास का सुरूर चढ़ा रहे आप पर बिन पीये।
दिलों में उमंग, घरों में उत्साह का वातावरण होता है।
दीपावली को मनाने के साथ अपनों से मिलन होता है।
ढेरों पकवान बनाए जाते और छककर खाए जाते हैं।
मित्रों और रिश्तेदारों के घर जाते और बुलाए जाते हैं।
छोटों से स्नेह मिलता और बड़ों से आशीर्वाद मिलते हैं।
बिछड़े रिश्ते नातों के दिल भी बरसों के बाद मिलते हैं।
मिलने मिलाने का दौर हो, गिले शिकवे भी दूर करते हैं।
मन के पटाखे फूटते हैं, दीपावली से मन में रंग भरते हैं।
