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Lakshman Jha

Inspirational

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Lakshman Jha

Inspirational

महापुरुष

महापुरुष

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महापुरुष अपनी उपलब्धियों

को श्रेष्ठतम कदापि नहीं कहते !

नहीं वे अपनी नीतियों का सदा

लोगों के सामने बखान करते !

श्रेष्ठतम वह व्यक्ति होता है जहां में

जो सभी की उपलब्धियों का सम्मान करते !


शिवगंग धारा से जगत का प्यास बुझता

नील कंठ बनकर सदा विष पान करते !

सबके जीवन में नया कुछ और आता

आप उसके पास आकर उर लगाते !

यह भावना कैसे विलुप्त हो गयी

काश ! उसका दुःख दर्द आप बाँट लेते !


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