महानायक श्री नरेंद्र मोदी
महानायक श्री नरेंद्र मोदी
सैकड़ों वर्षों के बाद एक माँ ने ऐसा नायाब हीरा है जना
चायवाले के घर के इस चिराग को नाम नरेंद्र मोदी दे दिया
अभावों की दुनिया में रह कर भी कैसे दीपक के समान प्रजव्वलित रहते हैं
धन संचय से नहीं विचारों की उत्तमता से महान कहलाते हैं यह श्री मोदी हर पल सिखाते हैं
संकरे मार्ग तय करके कैसे दूसरों की राह के रोड़े हटाते हैं
अन्धकार से प्रकाश की ओर का मार्ग समस्त विश्व को मोदी जी हर पल दिखाते हैं
जग सवारने के लिए ढिंढोरा पीटने की आवश्यकता नहीं होती
साधारण जीवन व सर्वोत्तम सोच से ही सम्पूर्ण विश्व में जल सकती है क्रान्ति की मशाल
अपने ध्येय तक पहुँचने के लिए किसी का सर कुचलना ज़रूरी नहीं होता
यह चरितार्थ करने वाला ऐसा वीर महापुरुष बार बार धरती पर अवतरित नहीं होता
एक गिलास जल से ही जो कर लेता है नवरात्री के नौ दिनों में अपनी भूख व प्यास शांत
कैसे डगमगा सकते हैं कदम उसके देखकर दुनिया की चकाचौंध व शान
सादा पहनावा, पर विचारों में बहती जिसके शीतलता गंगा जल जैसी
बूझो व बताओ क्या और कोई है ऐसा, अतुल्य व अप्रतिम शख्सियत जिसकी हो वैसी
अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी अपने शालीन स्वभाव से बना लिया है जिसने अपना घनिष्ठ मित्र
अविस्मरणीय है महान है ऐसे प्रख्यात महानायक का चरित्र
शत्रु भी जिसके समक्ष हो जाते हैं स्वतः ही स्वेच्छा से चित्त
भारतवर्ष का यह सौभाग्य है की उसकी मिट्टी में खेला ऐसा एक मित्र
हाँ इसको कहते हैं एक अधिनायक , एक कर्मनिष्ठ योद्धा
ना किसी लिप्सा में लिप्त ,कर्म के अलावा साथी ना उसका और कोई दूजा
ना किसी का अपमान किया ना किसी के प्रति पाले दुर्विचार
महान है उसकी हस्ती जिसने रौशन किया सम्पूर्ण संसार
स्वार्थ से ऊपर उठ कर कैसे परमार्थ कर सकते हैं
कोई वेद शास्त्र नहीं यह मोदी जी बड़ी सरलता से सिखाते हैं
विरोधी दल भी उनके समक्ष थरथरा उठते हैं, नतमस्तक हो जाते हैं
यूँ ही नहीं कुछ सामन्य व्यक्ति इतने असाधारण हो जाते हैं और हर दिल की धड़कन बन जाते हैं.
