मेरी प्यारी किताब
मेरी प्यारी किताब
ओह मेरी प्यारी किताब, आज मिली अलमारी में,
हर पन्ने बीच पत्तियां गुलाब की, सजी एक कहानी में।
इसमें कुल्हड़ भरा इश्क है, तो गालिब का अंदाज भी।
प्यार के तराने हैं, और एक प्यार की कहानी मेरी।
कितनी यादें इसमें सिमटी, कितनी बातें नई पुरानी सी।
इश्क के जख्म समेटे हैं, संग तेरी उल्फत के नजारे भी।
किताब हमारी थी, गुलाब की पंखुड़ियां तुम्हारी।
चाहतों के फसाने थे, तो दास्तां दर्द की
यह किताब नहीं जनाब, जिंदगी थी दास्तान ए इश्क की।

