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Shafali Gupta

Tragedy

3  

Shafali Gupta

Tragedy

मेरे प्यारे पापा

मेरे प्यारे पापा

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पापा बोलते थे मुझे गुड़िया उनका गुड़िया बोलना आज भी याद आता है।

पापा जब जाते थे बाहर बोलते थे जल्दी आता हूँ और बोलो तुम्हे क्या चाहिए वहाँ से लाता हूँ।

लेकिन मै रोकर बोलती थी मुझे कुछ न्ही चाहिए पापा तुम जल्दी आ जाना पापा ये कहना आज भी याद आता है।

मम्मी का वो बोलना बेटा रो मत पापा सात समुंद्र पार से गुड़ियो के बाज़ार से एक अच्छी सी गुड़िया लाएंगे फिर पापा जल्दी आ जाएंगे।

मम्मी की डाट जब पड़ती थी तो पापा के शाम को आने का इनतेज़ार करना और पापा के पास जाकर शिकायत करना आज भी याद आता है।

पापा का रोज शाम को एक चॉकलेट लाना आज भी याद आता है आज चॉकलेट बहुत है लेकिन शाम को लाकर खिलान वाला आज भी याद आता है।

पापा बोलते थे मेरी गुड़िया हिम्मत वाली लेकिन मेरे पापा के जाने से दुनिया ने मेरी हिम्मत तोड़ डाली।

पापा मेरी हिम्मत थे अब नहीं है मेरे पास, एक बार तो गुड़िया बोल दो पापा तुम्हारी गुड़िया है उदास।



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