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Krishna Sinha

Abstract Romance

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Krishna Sinha

Abstract Romance

मेरे लिए खास

मेरे लिए खास

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मैं रूठूं तू मनाये मुझे, 

ये आम सी बात है, 

मैं जीतू तू उसका जश्न मनाये 

ये मेरे लिए खास है


तू आगे चले, 

मैं तेरे पीछे पीछे

ये आम सी बात है, 

तू हाथ थामे मेरा, 

और हम साथ साथ चले

ये मेरे लिए खास है


मैं जहाँ जाऊँ

तू मेरे साथ हो, 

ये आम सी बात है, 

मैं अकेले भी जाऊँ

और तुझे मुझ पर पूरा

विश्वास हो, 

ये मेरे लिए खास है


मैं बोलूँ, तू सुने मुझे ध्यान से

ये आम सी बात है, 

मैं ना भी बोलूँ

तू समझ जाए, मन मेरा

ये मेरे लिए खास है।



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