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AVINASH KUMAR

Abstract Romance

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AVINASH KUMAR

Abstract Romance

मेरे दिल का हिसाब.....

मेरे दिल का हिसाब.....

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मेरे दर्द का अब तू हिसाब लगा ले,

तड़पा हूँ बहुत अब तो गले से लगा ले।


तेरी जुदाई में गिरे है लाखों के मोती,

अब तो मोतियों का हिसाब लगा ले।


निकला हूँ हसरत लिए तुम्हारी,

एक बार अपना हाथ मेरी और बढ़ा ले।


है कितना प्यार तुम से,

एक बार निगाहों से निगाहें मिला ले।


नादान है दिल मेरा जो मरता है तुम पर,

अब तो तू अपने दिल को समझा ले।


मिट जाये अब सभी फासले,

अब तो होंठों से होंठ मिला ले।


हूँ मैं तो एकदम अधूरा तुम बिन,

अब तो मेरे प्यार को अपना ले।


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