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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

मेरे देश के वीर सपूत

मेरे देश के वीर सपूत

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देश की आज़ादी की खा़तिर 

 ना जाने शहीद हुए कितने 

 अपने प्राणों की देकर आहुति 

तब जाकर आजादी का श्रृंगार किया...!! 


 जुनून भरा था रगों में उनके

 आज़ादी के सपने का 

 तब खेली होली खून से थी

 तब जाकर तिरंगा लहराया...!! 


 कतरा कतरा अपने जीवन का 

 किया निछावर वीर जवानों ने 

 देश की लाज बची रहे 

 तब किया समर्पित खुद को था...!! 


 गर्व है उन माँओं पर 

 जना जिन्होंने ऐसे वीर जवानों को

 जिन्होंने देश की माटी के कण-कण में

खुद की सांसें वो डाली....!! 


लिखे गए तकदीर व स्वर्ण अक्षरों में

बनकर मातृभूमि के मतवाले

हो गये अमर वो वीर जवान

लिख कर जीवन मातृभूमि के कदमों में...!!


कुछ फांसी पर झूल गए

कुछ ने सीने पर खाई गोली 

कुछ लड़े अहिंसा को साथ लिए

तब जाकर हमने आज़ादी का स्वाद चखा...!!


नमन है उन सब वीर सपूतों को

दिया जिन्होंने योगदान अपने प्राणों का

आज़ाद देश के वासी हम सब

आज उन्हीं के दम पर है...!! 



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