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Rahulkumar Chaudhary

Romance Inspirational

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Rahulkumar Chaudhary

Romance Inspirational

मेरा प्यारा दोस्त

मेरा प्यारा दोस्त

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नहीं रह पाऊँगा एक पल भी दूर उनसे यहाँ

नसीमा बांध कर ले जा तू पास उनके मुझे


उन्हें मालूम है मैं उनको छोड़ सकता नहीं

सो उंगलियों पे सुबहो शाम नचाना है मुझे


शिकायतें नहीं होती है इश्क़ में जाना

सो तेरा हिज़्र भी चुप चाप सह जाना है मुझे


मेरी तुर्बत पे तो वो आ ही जाएंगे किसी दिन

उनके कूचे में ही कही दफ्न हो जाना है मुझे


किसी परिंदे को मैं कैद नहीं रख सकता

खुदा को हश्र में मुंह भी तो दिखाना है मुझे


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