STORYMIRROR

Uma Pathak

Drama

2  

Uma Pathak

Drama

मेरा क्या कसूर

मेरा क्या कसूर

1 min
355

मेरा क्या कसूर है

जो लोग मुझे इल्जाम देते हैं।


माना कि बुरी ही सही

पर मुझ में कुछ तो अच्छाई ही होगी।


साथ तो मैंने सबका दिया

पर मेरे साथ तो तन्हाई ने दिया।


कल भी मैं अकेली थी आज भी मैं अकेली हूं

बस अंतर इतना है कल मैं बेटी थी आज मैं बहू हूं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama