STORYMIRROR

Uma Pathak

Abstract

4  

Uma Pathak

Abstract

होली

होली

1 min
334

आया होली का त्यौहार

हुई रंगों की बरसात

सब हुए मिलकर एक साथ

लाल हरा मिला गुलाल


किसी ने पिचकारी से मिलाया हाथ

रंग-बिरंगे गुब्बारों ने रंग-बिरंगे गुब्बारों ने

खूब धमाल मचाया 

आया रे होली का त्यौहार

चिप्स पापड़ गुजिया ने तहलका मचाया


सब ने मिलकर एक साथ त्यौहार मनाया

ढोलक की ताल ने मजरे की गाने ने

सबका मन भर आया

होली का त्यौहार हुई रंगों की बौछार

सब ने मिलकर गाया मंगल गान


भुला दुश्मनी दोस्त को गले लगाया

सब ने मिलकर होली का त्यौहार मनाया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract