मेरा भारत
मेरा भारत
गीता के श्लोक और कुरान की
आयतों में बसता है मेरा भारत,
रंग बिरंगी संस्कृति मौसमों की
खुशबू से महकता है मेरा भारत।
नानाविध बोलियाँ, वेशभूषा,
खान पान से बिखरी हुई है महक,
बसती है इसमें मेरी जान और लजीज़
व्यंजनों से बनता है मेरा भारत।
मंदिर में प्रार्थनाएं, गुरुद्वारे में अरदास
और मस्जिद में अंजान,
सभी धर्मो से जगमगाते हुए शान्ति का
जग में संदेश देता है मेरा भारत।
बासन्ती हवाओं के झोंके पीली पीली
धानी चूनर ओढ़ती है धरा,
खेतों खलिहानों में लहलहाती फसल और नदियों में बहता संगीत सुनता है मेरा भारत।
मैत्री भाव से ओतप्रोत,
अहिंसा के पुजारी महात्मा गाँधी का है ये भारत,
अनेकता में एकता हिन्द की विशेषता का दुनिया में संदेश देता है मेरा भारत।
