मदद करे
मदद करे
संकट पड़ा मानवता पर
हुए है सब बेहाल
ऐसे आयी है आफत
हुए जा रहे सब कंगाल।
व्यापार ठप्प पड़ा सबका
मज़दूर हुआ परेशान है
पलायन को मजबूर गांव को
शहर हुआ पूरा वीरान है।
इनकी तकलीफ़ कौन समझेगा
कौन अब इनको अपनाएगा
सबको करना है मदद इनकी
कौन भला पीछे रह जायेगा।
देश हमारा और ये सब हमारे
इनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है
मानवता का कर्तव्य निभाओ
आयी मदद करने की बारी है।
