STORYMIRROR

Nandita Tanuja

Inspirational

4  

Nandita Tanuja

Inspirational

ज़िंदगी में संभालना सीखो !

ज़िंदगी में संभालना सीखो !

1 min
427

ज़िंदगी की 

ऊँची उड़ान को देखो .....


कभी तो इन 

ऊँचे आसमान को सोचो .....


उठाओ स्वयं को 

ज़मीन से फिर आसमान से पूछो ......


ऊँची सोच , ऊँचे ख्वाहिश 

कभी ख्यालो के पंख लगाकर देखो ....


मिलेगी ही मंज़िल 

स्वयं के हौसलों से मिलकर कह दो ...


इस दुनियाँ में अकेले 

फिर भी ज़िंदगी को सींचो....


जीतोगे तुम ही हारी बारी भी 

ज़रा सा गिरकर फिर 

ज़िंदगी में संभालना सीखो .....!!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational