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Avneet kaur

Abstract

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Avneet kaur

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मौत

मौत

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बैठे थे यूँ इस कदर कि आपका ख्याल आया गया

सोचने से पहले ही, मौत का पैगाम आ गया

दफनाने चले थे कुछ लोग हमें

हमारा जनाज़ा उठाने के लिए हमारा महबूब आ गया।


इबादत करके माँगा था उसे खुदा से

पर आज वो किसी और का होकर आ गया

क्यों शिद्दत से मोहब्बत की थी हमने उनसे

मरने से पहले आखिरी लफ़्ज़ों में भी उनका नाम आ गया।


कलम उठाकर लिखने तो बैठ गए थे हम

हर अक्षर को अपने दिल की गहराई से लिखकर आ गया

अंदाज़ा तो बहुत लगाते हैं लोग हमारी मौत से

उसी मौत को आज पास से महसूस करके आ गया।


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