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Dr Baman Chandra Dixit

Classics

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Dr Baman Chandra Dixit

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मौसम सुहाना

मौसम सुहाना

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 फिर आये वो मौसम
मनभावन वो मौसन
भीगे तन वो वदन से
इन्तिजार का मौसम ।।

गीले गीले बारिशों को
 खिले खिले ख्वाहिशों को
ओलों को हथेलियों में
पिघलाने का मौसम ।।

 बुन्दा-बांदी छींटा-छांटी
चुनरी से माथा ढक
पानी के बुलबुलों संग
भागने का मौसम ।।

झरनों का काया बृद्धि
साधना को जैसे सिद्धि
फेनील तटिनीओं में
उफ़ानों का मौसम ।।

बहती धारा का वेग
दिलों में प्रिती उद्वेग
मीत से मैत्री की भाव
मिलाने का मौसम ।।

नदी-नारियों का आशा
प्रीत का अमीत तृषा
सागर नागर संग
संगमों का मौसम ।।

सृजन सार सम्भार
संसार मूल आधार
 गोद वसुधा वधु की
 भराई का मौसम ।।

ऋतुओं का रानी आई
घटा घन घोर छाई
हरियाली लिए आई
सुहाना वो मौसम ।।
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