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साहित्यकार सिब्बू

Tragedy

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साहित्यकार सिब्बू

Tragedy

मैनें जिससे प्रेम किया

मैनें जिससे प्रेम किया

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मैनें जिससे प्रेम किया

बन गया वही छलिया ,

मैनें शीशे से पत्थर तोड़ा

ऐसा मुझको छल हुआ,

वास्तविकता यह थी,

मेरा सारा प्रयास विफल हुआ।

अब प्रश्न मेरा मुुझसे ही हुआ

क्यों? ईश्वर नें मुझको हृदय दिया

क्यों? मैनें किसी से प्रेम किया

मैनें जिससे प्रेम किया..............।।



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