मैं तुम्हारी आंखों से देख पाया
मैं तुम्हारी आंखों से देख पाया
आंखें नहीं हैं मेरी
कुछ दिखता नहीं मुझे
रास्ते नापने कठिन प्रतीत
होते हैं
किसी मंजिल को पाना
किसी सपने को देखना
उसे सच कर पाना
ऐसे हालात नहीं मेरे
जज्बात तो बहुत से
मचलते रहते हैं दिल में लेकिन
वह ईश्वर स्वरूप ही हैं जो
एक ईश्वर की तरह ही
महसूस तो किये जा सकते हैं पर
दिखते नहीं
उन्हें बाहर निकालना
अपनी जिंदगी की पृष्ठभूमि पर
उतारकर
उनमें रंग भरना
बस में नहीं मेरे
यह सब अकेले कर
पाना और
वह भी बिना आंखों के
कुछ भी देखे बिना
संभव नहीं मेरे लिए
तन्हा हूं
बिना सहारे के
यह जीवन दूभर लगता है
तन्हाई बदल जाये एक गूंजती
शहनाई में
अब तो
दिल में एक यही हसरत रखता हूं
तुम मेरे जीवन में
पिछले कुछ समय से हो तो लेकिन
तुम्हें अपनाकर
कैसे कर दूं तुम्हारा जीवन बर्बाद
एक नेत्रहीन के संग तुम
कैसे बिता पाओगी
जीवन भर का साथ
तुम चाहती हो
अपनी आंखें मुझे
उपहार में देना लेकिन
यह कैसे संभव है
तुम चाहती हो मेरी आंखों से ही
देखना
यह कैसी जिद है
कम समय में लेकिन मैं तुम्हें
बहुत अधिक जान गया हूं
तुम जो ठान लो
उसे करती पूरा
यह मैं मान गया हूं
समय बीतता गया और
एक दिन ऐसा भी आया जब
मैं तुम्हारी आंखों से देख पाया
तुमने अपना जो खोया
उसे मैंने पाया
तुमने जो मुझे पाया
उसमें ही खुद को पूर्णतया
संतुष्ट पाया
मैंने तुम्हें पाया
तुम्हारी आंखों की रोशनी को पाया
एक वादा तो मैं करता हूं तुमसे
जब तक यह जीवन है
तुम्हारा साथ कभी न छोडूंगा
खुद अंधेरे को चुनकर जो
रोशनी भरी तुमने मेरे अंधेरे में
उसे मैं इतनी रोशनी से भरूंगा कि
तुम्हें कभी किसी अंधकार का
अहसास भी नहीं होने दूंगा।

