Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Archana kochar Sugandha

Inspirational


4  

Archana kochar Sugandha

Inspirational


मैं भी नारी, तू भी नारी

मैं भी नारी, तू भी नारी

1 min 277 1 min 277

मैं भी नारी, तू भी नारी

नारी ने ही, 

नारी को बना दिया बेचारी।


जब मैं निर्बल नारी थी

हुक्म चलाने नज़रें दिखाने वाली 

मुझ पर एक ताकतवर नारी थी। 


आज मैं ताकतवर, घर की रानी हूँ 

वहीं दोहराती कहानी हूँ

जो सदियों से मेरी विरासतों ने 

मुझे सिखाया और पढ़ाया है। 

मैंने भी अपने से निर्बल औरत को दबाया है 

कल दर्द मेरा जो छलका था 

उसी दर्द को मैंने भी छलकवाया है। 


कुचली गई थी समस्त औरत जात 

जहाँ औरत ने औरत पर अत्याचार किया।

सिर उठा कर खड़ी थी औरत 

जहाँ औरत ने औरत का सत्कार किया।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Archana kochar Sugandha

Similar hindi poem from Inspirational