मातृ दिवस........... मां
मातृ दिवस........... मां
मातृदिवस हम सभी मनाते हैं।
मां जीवन के सच में बच्चों के साथ जीती हैं।
मातृदिवस हम एक दिन क्यों मनाते हैं।
मां के लिए मातृदिवस यूं ही तो हम सभी नहीं मनाते हैं।
जन्म हमें देकर मां परिवार बनाती हैं।
हम बढ़े होकर स्वार्थ और फरेब रखते हैं।
मातृदिवस के वादों को हम कहां निभाते हैं।
बस मोह ममता वृद्धाश्रम छोड़ हम आते हैं।
मातृदिवस की हकीकत मां के बुढ़ापे में हम भूल जातेहैं।
मां एक जीवन का सच मातृदिवस मनाते है।
आज हम मां को कहां मनाते हैं।
बस धन और चमक की राह मन बनाते हैं।
मां तो मातृदिवस की जननी हम कहां समझते है ।
मातृदिवस मनाना सच मां को हम सभी मनाते हैं।
