मां
मां
मां से बढ़कर कोई भी नहीं जीवन में मुझको प्यारा।
समस्या छोटी हो या बड़ी मां तुमने ही मुझे उबारा।
मां तुम बिन जीवन मुश्किल था।
कोई भी तो ना था सहारा।
जाने कैसे पता लग जाता था तुम्हें,
जब जब भी मैंने तुम्हें पुकारा?
मां मुश्किल कितना हुआ होगा,
तुमने परमात्मा को भी मजबूर किया।
ऐसे कैसे मेरे सपनों को तुमने इस दुनिया में ना रहते हुए भी पूर्ण किया?
मां से बड़ा जहां में कोई नहीं।
मां से ऊंचा कोई नहीं।
इस जहां में तुम से ही अस्तित्व है मेरा,
मैं हूं जहां तुम हो वहीं
तुमसे सच्चा प्रेम होगा किसका?
जिसने बदले में मांगा कुछ भी नहीं।
इस जीवन यात्रा में मिलेंगे और मिले हैं लोग कई,
लेकिन तुम जैसा मेरे जीवन का हिस्सा कोई नहीं।
भले ही इस दुनिया से तुम चली गई।
लेकिन मेरे दिल में ही रहती हो।
जब तक इस दुनिया में मैं हूं
तुम्हारा अस्तित्व भी है मेरे साथ यहीं।
