STORYMIRROR

Anumeha Rao

Abstract

2  

Anumeha Rao

Abstract

मां

मां

1 min
143

मेरी आंखें खुली,

मैंने तुझे ही पाया,

मैं गिरा तूने, मुझे दिल से लगाया

मैं रूठा, तेरी ममता ने मुझे मनाया,

मेरी नींद उखड़ी, तेरी लोरी ने सुला दिया,

मैं डरा, तूने अंधेरे को भगा दिया,

मां तेरे बिना मैं सहमा सा हूं,

तेरी हथेली थामकर पूरा हुआ हूं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract