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Manisha Maru

Action Fantasy Inspirational

4  

Manisha Maru

Action Fantasy Inspirational

मां यात्रा

मां यात्रा

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यात्रा शुरू होती है 

मां के गर्भ से होकर

प्रकृति की गोद तक।


मां में ही सारा जहां दिखता

और उसके आंचल की छांव में

ही अठखेलियां करते 

बड़े होते रहते हैं हम।


प्यारा सा होता है बचपन

ना किसी का डर ,

ना किसी की फिक्र,

बस मस्तमौला ही 

घूमते रहते हैं हम।।


जवानी की दहलीज में

रखते ही कदम,

हर दुःख को छुपाना सीख जाते हैं

चाहे कितनी भी हो आंखें नम।


आते ही बुढ़ापा,

फिर से लौट आता है बचपन

और अंततः प्रकृति की गोद में 

समा जाते हैं हम।


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