STORYMIRROR

pooja dabhi

Abstract Classics Inspirational

4  

pooja dabhi

Abstract Classics Inspirational

माँ का प्यार

माँ का प्यार

1 min
303

प्यार कि तो कोई सीमा भी होती होगी, 

पर जहाँ प्यार कि कोई सीमा ही न हो उसे माँ कहते हैं


मुसकुरा ने कि भी बहोत वजह होती है

पर जिसकी वजह से हम मुसकुराते है वह माँ होती है


दिखावा तो हर कोई करता है आज के जमाने में

पर दिखावे में भी प्यार करे ना वह माँ होती है

हम संघर्ष अपने लिए करते हैं


पर जो हमारे लिए संघर्ष को जीवन मानकर चलते हैं वह माँ-पापा होतें है

माँ के ऊपर तो क्या ही कहूँ

क्योंकि माँ को कभी तोला या लिखा नहीं जा सकता। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract