Nirmal Jain
Abstract
माँ है महान~
उसके चरणों में
सारा जँहान
अद्भुत कृति~
ईश की सर्वोत्तम
माँ अनुकृति
लोरी सुनाती~
माँ नन्हें से लाल को
झुला झुलाती
माँ है ममता~
खुशियों का सागर
माँ है क्षमता
माँ वरदान~
वेद-पुराणों में माँ
का गुणगान।
गरीब के दर्द ...
बरसो मेघा रे
मन है चंगा
सूखता नीर
हाथों में हाथ
माँ है महान
हाइकु पंच
है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला। है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला।
गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।। गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।।
बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में। बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में...
अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्सव था जैस अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्...
मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था। मैं और कुछ नहीं जानती बस इतना जानती हूँ कि उसने प्रेम किया था।
अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं। अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं।
जीवन के बाद शायद परीक्षाओं का अंत हो, हर मौसम लगे जैसे बसंत हो। जीवन के बाद शायद परीक्षाओं का अंत हो, हर मौसम लगे जैसे बसंत हो।
पल- पल बढ़ते कदमों से, पल पल बदल जाती है। पल- पल बढ़ते कदमों से, पल पल बदल जाती है।
आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अपमान सती स आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अप...
इस भौतिक संसार में, धन का बहुत महत्व। इस भौतिक संसार में, धन का बहुत महत्व।
जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वीकार कर लेते हैं ... जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वी...
ज़िंदगी कब सरल थी हुई, कब मैं इतनी विरल थी हुई ज़िंदगी कब सरल थी हुई, कब मैं इतनी विरल थी हुई
समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।। समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।।
आधी शक्ति युग दुनिया की अर्ध नारीश्वर का ब्रह्माण्ड। आधी शक्ति युग दुनिया की अर्ध नारीश्वर का ब्रह्माण्ड।
पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।। पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।।
कौन नहीं वाचाल है, क्यों मुझ पर आरोप। शब्दों का भंडार है, किससे कम यह तोप।। कौन नहीं वाचाल है, क्यों मुझ पर आरोप। शब्दों का भंडार है, किससे कम यह तोप।।
ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य कराते बोध।। ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य करा...
लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए : लेकिन मेरा यकीं करो, मैंने सुनी है चीख उन पंछियों की जिनके पर कतर दिए गए :
दिल तो देता है दलीलें हमें समझाता है, दर्द भीतर से निचुड़ने से मना करता है। दिल तो देता है दलीलें हमें समझाता है, दर्द भीतर से निचुड़ने से मना करता है।
तो मेरे कल कल करते पानी से हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखे। तो मेरे कल कल करते पानी से हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखे।