मां बाप
मां बाप
बच्चे को पाला मां बाप ने
देकर लाड़ दुलार
दुनिया में करते वो सबसे ज्यादा
अपने बच्चे से प्यार
भविष्य जिसका सुधारने को
वर्तमान अपना दाव पर लगाया
उस बच्चे से मां बाप ने
बुढ़ापे में अपने क्या पाया
बेटा बसा विदेश में जा
भूल के सब दुलार
नहीं मां बाप को देता सम्मान
ना ही रहा कोई प्यार
बाप ने किया फोन बेटे को
तेरी बूढ़ी मां तुझे याद करती है
तेरे इंतजार में वो पल पल
अपनी सांसें गिनती है
बेटा बोला जस्ट चिल पापा
मुझे बहुत है काम
मुझे करके मेहनत यहां
बनाना है अपना मुकाम
आप हो तो वहां मां के लिए
फिर मेरा वहां क्या काम
बाप बोला बेटा मैं भले हूं पास उसके
पर वो लेती दिन रात तुम्हारा नाम
एक बार आकर मिल जा
मां के कलेजे को ठंडा कर जा
सीने से लगा लेगी जब तुझको
पड़ जाएगा उसे आराम
ओह पापा इतनी सी बात के लिए
आने जाने में इतना रुपया फूक दूं
साथ साथ अपनी तरक्की के भी
मैं सब रास्ते बन्द कर दूं
इतना बेवकूफ नहीं हूं
हां बेटा बेवकूफ तो हम थे
जो तुझे पालने को भूले अपने सब काम
अपना सुख बेच के हमने
तेरे लिए जुटाया सब आराम
जा तू अपनी दुनिया आबाद रख
हम भी नहीं लेंगे अब तेरा नाम
अन्तिम तुझसे एक अर्ज है
बस कर दियो तू इतना काम
मौत की हमारे जो खबर आए
तू वापिस यहां मत आईयो
इन बूढ़े बेकार लोगों के लिए
अपना समय और पैसा मत गंवाईयो
जा दिल से तुझे ये दुआ है
जब हो तेरे जीवन की शाम
तेरी औलाद हो तेरे पास
जो आ सके तेरे काम।।
