मालव को जन्मदिन की बधाई
मालव को जन्मदिन की बधाई
आसमान में हलचल सी है छाई,
सूरज चंदा और तारों ने एक सभा है बुलाई।
आठवीं सितम्बर है आई,
कैसे देंगे मालव को जन्मदिन की बधाई?
सूरज ने एक युक्ति सुझाई।
सारे तारे मिल कर धरती पर जाना,
उसका सारा घर रोशनी से खूब सजाना।
फिर चुपके से उसके कमरे में छिप जाना,
मालव जो कमरे में आए,
एक साथ झिलमिला कर कहना,
जन्मदिन की ढेरों बधाई हो मालव भाई।
मेरी इस कल्पना को जीवंत कर दो,
उसके घर ही नहीं जीवन को भी खुशियों की
असीम रोशनी से रोशन कर दो।
'कल्याणी' ने महादेव से यही गुहार लगाई।
