मा की महिमा
मा की महिमा
गली,मोहल्ले,चौराहों पर
माता का दरबार लगा।
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
दूर दूर से आते मैया
तेरी शरण को पाने,
करता है एकबार जो दर्शन
सोचे बार बार वो आने।
मनोकामना होगी पूरी
खुशियों का अंबार लगा,
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
गली मोहल्ले.....
अंधों को भी मिले जो आंखें
और लंगड़ा दौड़ लगाए,
भूखे को भी मिलेगा भोजन
जो तेरे दर्शन पाए।
जो मांगोगे वही मिलेगा
यहां माता का भंडार लगा,
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
गली मोहल्ले.....
तेरे दर पर आकर मैया
श्रद्धा सुमन चदाएं,
आशा और विश्वास का मैया
दर पर दीप जलाएं ।
तेरी शरण में जो भी आता
भव सागर से पार लगा,
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
गली मोहल्ले....
मां बेटे का अमर है नाता
मां उसको आज निभाओ,
मां चमत्कार कुछ ऐसा कर के
सब दुखड़े दूर भगाओ ।
तेरी भक्ति करने माता
सारा ये संसार चला,
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
गली मोहल्ले .....
मेहरां वाली,शेरां वाली
महामाया तु काली है,
विपदा आन पड़ी भक्तों पर
मां तु ही तो रखवाली है ।
नव दुर्गा का रूप तुम्हारा
नौ दिन ही श्रंगार सजा,
तेरे भक्तों का है तातां
चारों ओर जयकार लगा।।
गली मोहल्ले।
