STORYMIRROR

Kumar Vikrant

Romance

4  

Kumar Vikrant

Romance

लफ्ज

लफ्ज

1 min
288

खूबसूरत 

लफ्ज 

जो 

मैंने कहे 

तुमने सुने 

वो लफ्ज 

तेरे थे 

मेरे थे 

लफ्जो का 

अंदाज ए बयां 

मेरा था 

तेरा भी था 

बोलने वाले 

तो तुम थे 

लेकिन 

सुनने वाला 

मैं नहीं 

कोई और था 

क्या तुम्हे पता है 

मैं तो 

उन्ही 

लफ्जो की भीड़ में 

कहीं तन्हा था 

अकेला था।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance