लम्हें
लम्हें
रात निकली दिन आया
तेरी याद जब आई
वो लम्हें गुज़र गए
जिगरा था तुम्हारा जो
दिल में मेरे लिए
प्यार था जो
दिखा नहीं मुझको
हर लम्हा तुमको याद किया
जब भी दिल में तेरी याद आई
सुनहरी धूप की तरह
ये लम्हे मुझको
एहसास दिलाते है
कि हम अनमोल है
यादों के लम्हे सँजो कर
दिल में बसा लो

