STORYMIRROR

Nishi Singh

Inspirational

3  

Nishi Singh

Inspirational

लक्ष्य की पुकार

लक्ष्य की पुकार

1 min
327

ये जीवन क्या है? एक सपना।

इसमे लगता सब कुछ अपना।

जब राहों पर चलते-चलते,

छूटे कहीं कोई अपना,

तब दिल को लगता एक सदमा,

फिर भी इस सपने को तू दफना।

क्योंकि तुझको है आगे को बढ़ना,

भूल जा, कोइ छूटा अपना,

दिल का कोइ टूटा सपना।

ऐ पथिक ! तू मत बन कमजोर,

फिर से उन टुकड़ों को जोड़,

तू खुद है किसी का सपना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational