STORYMIRROR

Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Inspirational

3  

Dr Shikha Tejswi ‘dhwani’

Inspirational

लक्ष्य भेद

लक्ष्य भेद

1 min
224

धनुर्धारी था वो मगर,

तीरंदाज़ न बन सका।

अनगिनत तीर चलाया फिर भी,

लक्ष्य भेद न कर सका।।


सफल होने के लिये,

सिर्फ़ प्रयास नहीं चाहिये।

लक्ष्य पर आँखें टिकी हो,

और अभ्यास होनी चाहिये।।


लक्ष्य को जो ध्यान में रखता,

दिशा नहीं भटकता वो।

अर्जुन वही बनता है,

जिसका कोई गुरू हो।।



రచనకు రేటింగ్ ఇవ్వండి
లాగిన్

Similar hindi poem from Inspirational