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shekhar kharadi

Tragedy Classics

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shekhar kharadi

Tragedy Classics

लालशा

लालशा

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बाहरी हलचल में

भीतर द्वंद्व युद्ध है।


आध्यात्मिक ख़ोज में

भावनात्मक दौड़ है।


शांति की तलाश में

संसारिक मोह है।


करुणा के पुकार में

स्वार्थ का प्रवाह है।


मुक्ति की तलाश में

जीने की लालसा है।


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