STORYMIRROR

Dr. Chanchal Chauhan

Action Inspirational Children

4  

Dr. Chanchal Chauhan

Action Inspirational Children

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

2 mins
357

ना मैं हूँ अप्सरा ना हूँ साध्वी

मैं हूँ निर्मिति

समाज और राष्ट्र हित की

क्योंकि मैं हूँ एक शिक्षिका

स्वयं सीखती और सिखाती हूँ

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

और मैं हूँ शिक्षिका


मैं हूँ ऋणी

माता-पिता गुरुजनों और वसुधा की

जिनके पालन पोषण से प्रगति की राह खुली

जिनसे सीखा ज्ञान विज्ञान और सम्मान

करती हूँ उनको शत शत नमन

क्योंकि उनके कारण ही मैं कुछ बन पायी

मैं हूँ निर्मिती

और मैं हूँ एक शिक्षिका ।।


मैं हूँ साधारण स्त्री

परमात्मा पर विश्वास करती श्रद्धा भाव से

अंतरात्मा की आवाज सुनती हूँ

वो आवाज़ मुझे ज्ञान करती

भले बुरे का

क्योंकि मुझे है करना समाज और राष्ट हित

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

और मैं हूँ एक शिक्षिका ।।


मैं कृतज्ञ हूँ

अपने बच्चों वेदिका और वृंदा की

जिन्होंने किया हमेशा मुझे प्रोत्साहित

मैं बढ़ी आगे तो इनके सहारे

और अपने पति की

जिन्होंने दिया हमेशा मेरा हर क्षण साथ


और अपने सभी प्रियजनों की

जिनसे मैं नित्य कुछ सीख पायी

क्योंकि हर बंदा टीचर है

और हर बंदे में टीचर है

साथ ही आभारी हूँ

मेरे पथ में आये सभी आत्मीय जनों की

जिनके कार्यों व जीवन शैली से मैंने सीखा

सीखा मैंने फूल की तरह ख़ुशबू बिखेरना

तथा सीखा समर्पण भाव

तथा सीखा विशेष कि

वो जीवन ही क्या जो दूसरों के लिये जीया ना हो

अपने लिये तो जानवर भी जी लेते है

कभी ना महसूस किया मैंने निंदा का स्वर

बस रही भावना कुछ नया करने की

कुछ कर गुज़रने की

जिनकी प्रतिक्रिया या टिप्पणी से मैं हूँ खिल जाती

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

और मैं हूँ शिक्षिका

तथा वो शिक्षिका जो समाज का उत्थान कर सके

तथा वो शिक्षिका जो राष्ट्र हित में कुर्बानी दे सके

इसी निमित्त

मैं हूँ निर्मिति

मैं हूँ शिक्षिका

स्वयं सीखती और सिखाती हूँ

क्योंकि मैं हूँ निर्मिति

मैं हूँ शिक्षिका ।।


शिक्षक दिवस पर विशेष ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action