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Dr. Diptiranjan Behera

Tragedy

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Dr. Diptiranjan Behera

Tragedy

क्यों नहीं

क्यों नहीं

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मैं तो हवा का झोंका था 

जो आके चला गया।

 

तुम तो लहर थी फिर भी 

लौट के क्यों नहीं आयी।


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