कयामत की रात
कयामत की रात
आज रात अभी आधी है,
दिल की बात भी बाकी है,
जल्दी मत चली जाना सनम,
आज दिल मेरा बेताब है।
इश्क की दिल में प्यास है,
मन में तरंग लहरा रहे है,
सितारों की महफिल है सनम,
रंगत आना अभी बाकी है।
रुह से रुह का मिलन है,
दिल में शहनाई बजती है,
सांसो की सरगम सूना दे सनम,
रंग और नूर की बारात है।
तेरा मेरा अटूट रिश्ता है,
जनमो जनम का साथ है,
"मुरली" से सिमट जाओ सनम,
आज कयामत की रात है।

