Bhoop Singh Bharti
Action Inspirational
भटका सालों साल था, ऊधम मन में ठाण।
आखिर बदला ले लिया, हर डायर के प्राण।
हर डायर के प्राण, शपथ की लाज निभाई।
डायर का कर खून, बाग की आग बुझाई।
कहे ’भारती’ खूब, कसूता मेटा खटका।
बदला लेने शेर, देश विदेश में भटका।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
किरदार ही बदलते जा रहे हैं मेरी गम ए ज़िंदगी में ग़ालिब किरदार ही बदलते जा रहे हैं मेरी गम ए ज़िंदगी में ग़ालिब
अभिमन्यु का व्यूह भेदन हूँ कौरवों का अति वेदन हूँ। अभिमन्यु का व्यूह भेदन हूँ कौरवों का अति वेदन हूँ।
इस आज़ादी को पाने में कितनों ने दुःख झेला है।। इस आज़ादी को पाने में कितनों ने दुःख झेला है।।
कश्मीर की ऊंची पहाड़ियां हों या राजस्थान का गर्म रेगिस्तान। कश्मीर की ऊंची पहाड़ियां हों या राजस्थान का गर्म रेगिस्तान।
मगर क्या करूं, आखिर में समुद्र तेरी गोदी में सोना लिखा है मुझे, मगर क्या करूं, आखिर में समुद्र तेरी गोदी में सोना लिखा है मुझे,
खुशियों से भर गए गाँव के चेहरे। धरती ने पिया था सारा पानी। खुशियों से भर गए गाँव के चेहरे। धरती ने पिया था सारा पानी।
राष्ट्र पुनरुत्थान के पथ पर अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं...। राष्ट्र पुनरुत्थान के पथ पर अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं...।
अकेले हम अकेले मन के साथ रहते हैं। अकेले हम अकेले मन के साथ रहते हैं।
ख्वाबगाह-ए-ज़िंदगी नेस्तनाबूद होते देखा है... ख्वाबगाह-ए-ज़िंदगी नेस्तनाबूद होते देखा है...
ठहरा गया संसार जहां, वहीं मेरी शुरुआत है ठहरा गया संसार जहां, वहीं मेरी शुरुआत है
मुझे 'नालायक' कहने या मानने का हक़ दूँगा. मुझे 'नालायक' कहने या मानने का हक़ दूँगा.
जान हथेली पर रखकर, माटी के लिए लड़ जाते थे । जान हथेली पर रखकर, माटी के लिए लड़ जाते थे ।
कभी-कभी तो आपस में जिंदगी के कमिटमेंट का भी है यह स्थान। कभी-कभी तो आपस में जिंदगी के कमिटमेंट का भी है यह स्थान।
यदि हौसलों में दम हो तो क्या नहीं हो सकता है यदि हौसलों में दम हो तो क्या नहीं हो सकता है
ईमानदारी को परमेश्वर मानकर अपना कर्मयोग कर रहे हैं... ईमानदारी को परमेश्वर मानकर अपना कर्मयोग कर रहे हैं...
लड़ाई समाज से नहीं, अपने ही घर में हार रही हूँ, लड़ाई समाज से नहीं, अपने ही घर में हार रही हूँ,
अंग्रेज़ों से लड़ते हुए, किया उन्होंने शौर्य का प्रमाण। अंग्रेज़ों से लड़ते हुए, किया उन्होंने शौर्य का प्रमाण।
मुश्किल पल में रंग दिखाया परिस्थिति ने हमें समझाया मुश्किल पल में रंग दिखाया परिस्थिति ने हमें समझाया
बचपन के खेल, बारिश की धुन, नाव की सवारी, जैसे कोई जादुई गुन। बचपन के खेल, बारिश की धुन, नाव की सवारी, जैसे कोई जादुई गुन।
पिशाचों सी वीभत्स क्रीड़ा करते हुए वेदना हृदय को क्यों नहीं सताती है? पिशाचों सी वीभत्स क्रीड़ा करते हुए वेदना हृदय को क्यों नहीं सताती है?