Bhoop Singh Bharti
Action Inspirational
भटका सालों साल था, ऊधम मन में ठाण।
आखिर बदला ले लिया, हर डायर के प्राण।
हर डायर के प्राण, शपथ की लाज निभाई।
डायर का कर खून, बाग की आग बुझाई।
कहे ’भारती’ खूब, कसूता मेटा खटका।
बदला लेने शेर, देश विदेश में भटका।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
कभी ये तारे हमारे साथ छुपन छुपाई खेलते है, कभी ये तारे हमारे साथ छुपन छुपाई खेलते है,
प्यार अनमोल है हिफ़ाज़त कर, टूटा तो फिर बचा नहीं सकता। प्यार अनमोल है हिफ़ाज़त कर, टूटा तो फिर बचा नहीं सकता।
रंग भर लो जिंदगी में ऐसे, खुशियां भर जाए जिंदगी में, रंग भर लो जिंदगी में ऐसे, खुशियां भर जाए जिंदगी में,
जो हसीन बनेगी घरवाली, सदा करनी मुझे रखवाली। जो हसीन बनेगी घरवाली, सदा करनी मुझे रखवाली।
जन्म-मरण की डोर से, बँधा हुआ संसार जन्म-मरण की डोर से, बँधा हुआ संसार
ज्यादा शराब पीली थी उस इंसान ने इसलिए घर का रास्ता भटक गया ज्यादा शराब पीली थी उस इंसान ने इसलिए घर का रास्ता भटक गया
तू क्यों है निराश सब दिन न होते एक समान तू क्यों है निराश सब दिन न होते एक समान
पिछले साल की छुट्टियों में अपने नाती से सीखी थी शतरंज। पिछले साल की छुट्टियों में अपने नाती से सीखी थी शतरंज।
मेरी आंखें हैं चार मुझपर ना करो इतना वार मेरी आंखें हैं चार मुझपर ना करो इतना वार
झंकार जीत की गूंज उठेगी , अगर जो तू मेहनत से तन! झंकार जीत की गूंज उठेगी , अगर जो तू मेहनत से तन!
करो सम्मान उनका दिल से जिनकी वजह से सलामत हैं अपनो की जान। करो सम्मान उनका दिल से जिनकी वजह से सलामत हैं अपनो की जान।
इस नव वर्ष में हम अपने कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से, हर लक्ष्य को संधान करें। इस नव वर्ष में हम अपने कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से, हर लक्ष्य को संधान करें।
हर कोई तुम्हारी बात सुनेगा किसने कहा? कभी कभार दूसरों की बात भी सुनकर देखो हर कोई तुम्हारी बात सुनेगा किसने कहा? कभी कभार दूसरों की बात भी सुनकर देखो
हार नहीं मानूंगा मैं रार नहीं ठानूंगा मैं हार नहीं मानूंगा मैं रार नहीं ठानूंगा मैं
कुछ अनमोल पाओ, किसी प्रवचन में जाओ कुछ अनमोल पाओ, किसी प्रवचन में जाओ
ये हदें पार करना जायज़ तब तो होगा, जब नियमानुसार तरीके से पार होगी। ये हदें पार करना जायज़ तब तो होगा, जब नियमानुसार तरीके से पार होगी।
अब तुम जब भी आओगे तोड़ के हड्डी भेजेंगे हम अब तुम जब भी आओगे तोड़ के हड्डी भेजेंगे हम
सब को एक साथ झेल कर पार उतर ले जिंदगी उसको सब रंग दे जाती है सब को एक साथ झेल कर पार उतर ले जिंदगी उसको सब रंग दे जाती है
हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है... ये हमारी आन-बान-शान है! हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है... ये हमारी आन-बान-शान है!
खट्टी मीठी यादों का झरोखा होगा अलविदा 2022 कहना होगा ।। खट्टी मीठी यादों का झरोखा होगा अलविदा 2022 कहना होगा ।।